इर्ष्या न करने वाला और सरल व्यक्ति सौ वर्ष तक जीता है।


सरल जीवन जीने के फायदे

  • क्रोध मनुष्य का परम शत्रु है। 
  • क्रोधी व्यक्ति न केवल दूसरों का मन दु:खाता है, अपितु वह अपनी भी हानि करता है। 
  • क्रोधी व्यक्ति समाज में आदर और प्रेम से वंचित हो जाता है। 
  • क्रोधी स्वभाव के कारण उसके अपने भी पराए हो जाते हैं।
  • क्रोध स्वास्थ्य की भी हानि करता है। सत्य और अहिंसा महान् गुण है।
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सत्य का पालन

  • सत्य का पालन मन, वचन और कर्म से करना चाहिए। 
  • सत्य बात को गोपनीय रखना भी असत्य बोलने के समान ही है।
    व्यक्ति की कथनी और करनी में अन्तर नहीं होना चाहिए। 
  • अहिंसा परम धर्म है। 
  • यह जियो और जीने दो के सिद्धान्त को स्वीकृति है। 
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निंदा नही करना चाहिए

  • इसका पालन भी मनवचन और कर्म से करना चाहिए।
  • नीच प्रकृति वाले व्यक्ति दूसरे की निन्दा करते हैं। वे उसके गुणों में भी दोष ढूंढते हैं। 
  • पर-निन्दा उनके हृदय को सुख देती है तथा उनके मनोरंजन का साधन बन जाती है। किन्तु सज्जन इससे दूर हो रहते। 
  • निन्दा करने वाले का कहीं भी आदर नहीं होता। सरल स्वभाव स्वयं में एक महान् गुण है। 
  • व्यक्ति अपनी सज्जनता से दूसरों को भी अपना बना लेता है। 
  • समाज में उसका सम्मान होता है। उसके कार्य में सभी सहयोग करते हैं। 
  • वास्तव में क्रोध्हीन, सत्यभाषी, हिंसा न करने वाला किसी की निन्दा न करने वाला तथा सज्जन व्यक्ति सौ वर्ष तक जीता है। इन गुणों के कारण ही उसे दीर्घायु प्राप्त होती है।

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