क्यों हम हमेशा दूसरों के लिए जीते है?

क्यों हम हमेशा दूसरों के लिए जीते है?

तुम्हारी जिंदगी कभी तुम्हारी थी ही नहीं.
ना तब जब तुम पैदा हुए थे.
ना तब जब तुमने अपना स्कूल शुरू किया.
ना तब जब तुमने अपनी पहली नौकरी हासिल की और
ना ही तब जब तुमने सोचा कि तुम अब शादी कर के सेटल हो गए हो.

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जीवन का असली मतलब क्या है?

क्यों हम हमेशा दूसरों के लिए जीते है? पैदा होने से लेकर अपने मरने तक हम हमेशा दूसरों के लिए जीते हैं. वह दूसरे जिन्हें हम अपना कहते हैं. मां बाप, भाई बहन, दोस्त, गर्लफ्रेंड, बॉयफ्रेंड, बीवी-बच्चे यही वह लोग हैं जिनके होने से हमारी लाइफ को कोई मतलब मिलता है. यही वह लोग हैं जिनकी वजह से हमारी लाइफ को एक मकसद मिलता है. यही वह लोग हैं जिनकी वजह से हमारी लाइफ लाइफ कहलाती है.

अपने लोगों के लिए प्रयास करना.

कभी वक्त निकालकर इस बात पर सोचना. सोचना कि जब हम लाइफ में परेशान होते हैं. जब हम उदास होते हैं. जब हम यह कहते हैं कि यार मेरे से कुछ नहीं हो रहा. तो एक्चुअल में हम किस के लिए कहते हैं. हम अपने लिए कुछ नहीं कर पा रहे हैं या हम उन लोगों के लिए कुछ नहीं कर पा रही हैं. मान लो आप बहुत सारा पैसा कमा रहे हो. तो आप किन लोगों की जरूरत पूरा करने के लिए परेशान हो. क्या वह आपके मां-बाप नहीं है? क्या वह आपके भाई बहन या आपके बीवी बच्चे नहीं है? जिनके लिए आप सब कुछ करना चाहते हो.


क्या कोई खुद के लिए जीता है?

बहुत सारे लोग अक्सर यह सलाह देते हैं कि खुद के लिए जियो, तो फिर जीने का क्या मतलब हुआ? अगर खुद के लिए ही जीना होता. तो दो टाइम पेट भर कर खाना आपके लिए बहुत था. फिर क्या जरूरत थी इतनी भागदौड़ करने की इतना परेशान होने की. इतना अपने ऊपर प्रेशर लेने कि आप इतना सब कुछ सहते हैं इसके लिए नहीं कि आप खुद के लिए जीना चाहते हैं.


खुश रहना सीखिए.

बल्कि आप इतना खुश रहते हैं क्योंकि आप उनके लिए कुछ करना चाहते हैं. जिन्हें आप प्यार करते हैं. आप अपने साथ-साथ उनको भी एक बेहतर जीवन देना चाहते हैं. आप अपने साथ-साथ उनके भी सपनों को पूरा करना चाहते हैं. भगवान ने हमें ऐसा बनाया है कि हम जिनसे प्यार करते हैं. जिनकी परवाह करते हैं. उनके लिए हमेशा कुछ न कुछ बेहतर करने की कोशिश करते हैं. यह जिंदगी का बहुत बड़ा सच है और इस सच को आप समझिए.

जिंदगी में आगे बढ़िये.

क्यों हम हमेशा दूसरों के लिए जीते है? आप समझिए कि कोई इंसान केवल अपने लिए नहीं जीता. यहां तक कि जानवर भी अपने बच्चों के लिए अपने परिवार के लिए अपनी जान जोखिम में डालते हैं. इस सच को समझिए. इसके बाद आपको कभी किसी बाहरी मोटिवेशन की जरूरत नहीं पड़ेगी. आपको पता रहेगा कि अगर आपके मां-बाप ने आपको एक अच्छी लाइफ दी है तो आपको भी उससे ज्यादा अच्छी लाइफ अपने लोगों को देनी है. यही आपकी लाइफ का आखरी मकसद है इसे स्वीकार कीजिए और जिंदगी में आगे बढ़िये.

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