मजबूत इरादा और कल्पना क्यों जरूरी है? (Intention and Imagination)

Intention and Imagination

अगर आप अपनी लाइफ में कुछ बनना चाहते हैं. अगर आप अपनी लाइफ में कुछ करके दिखाना चाहते हैं. अगर आप चाहते हैं कि अपनी लाइफ में कुछ नया करना. अगर आप चाहते हैं अपनी लाइफ में कुछ बड़ा करना. तो आपकी सोच आपकी समझ इस लायक होनी चाहिए कि आप इन सब के बारे में imagine कर सके. 

कल्पना (Imagination) क्यों जरूरी है?

किसी भी चीज की शुरुआत ना तो जमीन पर होती है और ना ही कागज पर होती है. यह शुरुआत होती है. आपके अंदर आपकी imagination में. बड़ी से बड़ी लड़ाई मैदान से पहले दिमाग में जीती जाती है. बड़ी से बड़ी प्लानिंग कागज से पहले दिमाग में बनाई जाती है. इस दुनिया की सबसे खूबसूरत बिल्डिंग या सबसे बड़ा ब्रिज हवा में उड़ने वाला जहाज पानी में चलने वाली शिप यहां तक कि कपड़ा सिलने वाली सूई तक जो कुछ भी आपको दिखाई दे रहा है. यह सब कभी ना कभी किसी ना किसी के दिमाग में पैदा हुआ था.


फिर उसने इसे आकार दिया और वक्त के साथ-साथ देखते ही देखते यह सब आपके सामने प्रकट हो गया. इसलिए दोस्तों अगर लाइफ में कुछ हासिल करना है तो इमेजिन करना सीखो. आपकी imagination बिल्कुल clear होनी चाहिए. अगर आपका कोई goal है. तो उसको तक कैसे पहुंचना है. पूरा का पूरा रास्ता आपके दिमाग के अंदर होना चाहिए.

इरादा (the intention) क्यों जरूर है?

इमैजिनेशन के बाद दूसरा स्टेप आता है इंटेंशन. यानी कि इरादा. आपका इरादा तय करता है कि आपने जो इमेजिन किया है. उसे आप कितनी जल्दी हासिल कर सकते हैं. अगर आपका इरादा मजबूत है. तो आप अपनी इमैजिनेशन पर काम करते हुए उसे हासिल कर सकते हैं.


Imagination is more power full knowledge.

मशहूर साइंटिस्ट अल्बर्ट आइंस्टाइन ने एक बार कहा था. "इमैजिनेशन इज मोर पावर फुल नॉलेज" इमैजिनेशन नॉलेज से ज्यादा ताकतवर होती है. क्योंकि नॉलेज सीमित होती है. जबकि इमैजिनेशन की कोई सीमा नहीं होती. जब इमैजिनेशन और इंटेंशन एक साथ मिलती है. तो नॉलेज के रास्ते अपने आप खुलने शुरू हो जाते हैं. तो दोस्तों अगर लाइफ में कुछ अलग और कुछ नया करना चाहते हो. तो इमैजिनेशन का इस्तेमाल करें और इंटेंशन के साथ आगे बढ़े.

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