फ़क़ीरा : चल चला चल (Hindi Edition)

कभी कई सदियाँ एक पल में सिमट जाती हैं और कभी एक पल ही सदी बन जाता है. बस ऐसे ही कुछ पलों की तलाश में चल पड़ा है ये फ़क़ीर मन,  देखें कहाँ तक ले जाती है ये तलाश… अगर आपका मन भी व्याकुल है, लगता है क़ि सब कुछ है मगर फिर भी ना जाने क्या तलाश हर वक़्त जारी है तो शामिल हो जाइए फ़क़ीरा की यात्रा में, इन 85 कविताओं के द्वारा जो जीवन के हर पहलू को छूती हैं. कौन जाने, इन्हें पढ़ कर आपकी तलाश भी मुकम्मल हो जाए. चल चला चल……..फ़क़ीरा चल चला चल !!!

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कभी कई सदियाँ एक पल में सिमट जाती हैं और कभी एक पल ही सदी बन जाता है. बस ऐसे ही कुछ पलों की तलाश में चल पड़ा है ये फ़क़ीर मन,  देखें कहाँ तक ले जाती है ये तलाश… अगर आपका मन भी व्याकुल है, लगता है क़ि सब कुछ है मगर फिर भी ना जाने क्या तलाश हर वक़्त जारी है तो शामिल हो जाइए फ़क़ीरा की यात्रा में, इन 85 कविताओं के द्वारा जो जीवन के हर पहलू को छूती हैं. कौन जाने, इन्हें पढ़ कर आपकी तलाश भी मुकम्मल हो जाए. चल चला चल……..फ़क़ीरा चल चला चल !!!

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