5 Pills Depression-Stress Se Mukti Ke Liye/5 पिल्स डिप्रेशन-स्ट्रेस से मुक्ति के लिए

निराशा के समन्दर में गोते लगाते लोग अक्सर यह भूल जाते हैं कि ईश्वर ने हमें एक अद्वितीय मस्तिष्क दिया है, जो हमें कुछ भी प्राप्त करवा सकता है। हाँ, कुछ भी, जो भी हम पाना चाहें। अपनी क्षमताओं को शून्य मानकर स्वयं पर आई हुई मुसीबतों के बारे में सोच-सोचकर उनके सामने घुटने टेक देने को ही अवसाद कहते हैं और आजकल हम मनुष्यों में यह घुटने टेकने की प्रवृत्ति ही बढ़ती जा रही है। हम परेशान हैं, हम चिन्तित हैं, हम तनाव में हैं, हम अवसाद में हैं, हम चिड़चिड़े हो गए हैं, हम क्रोधित छवि बना चुके हैं…क्यों? क्योंकि हम ख़ुद से कभी नहीें पूछते कि ‘आख़िर क्यों हम इन सब समस्याओं में उलझ गए?’ यह किताब इन्हीं सवालों का जवाब देने के लिए लिखी गई है। तनाव और डिप्रेशन से यह किताब बिना किसी पिल्स (गोलियों) के ही मुक्ति दिलवाने में सक्षम है। यह कपोल कल्पना नहीं वरन् एक अत्यन्त व्यावहारिक पुस्तक है जो कि लेखक द्वारा हज़ारों रोगियों को दिए गए सफल क्लीनिकल परामर्शों से प्राप्त अनुभव पर आधारित है।.

Description

About the Author

आप एक प्रख्यात आयुर्वेद विशेषज्ञ होने के साथ-साथ स्वास्थ्य लेखन में पिछले कई वर्षों से अपनी सेवाएँ दे रहे हैं। अभी तक हजशरों जटिल एवं जीर्ण रोगियों के उपचार का अनुभव आपको प्राप्त है। प्राचीन भारतीय चिकित्सा पद्धति को नवीन रूप में प्रस्तुत कर लोगों में आयुर्वेद के प्रति फैली भ्रांतियों को मिटाने में, आयुर्वेद का प्रचार-प्रसार करने में आप एक अग्रणी नाम हैं। बॉडी, माइंड एंड सॉल (शरीर, मन और आत्मा) का अद्भुत सम्मिश्रण कर चिकित्सा करने में इन्हें महारत है। आप हिजामा थेरैपी को भारत में प्रचलित करने में अग्रज हैं। आप ‘इंक्रेडिबल आयुर्वेदा’ के संस्थापक हैं तथा ‘स्माइलिंग हार्ट्स’ नामक संस्था के प्रेसिडेंट हैं। आप देश के पहले आनन्द मंत्रालय की गवर्निंग कमेटी के सदस्य भी हैं। ‘बीमार होना भूल जाइए’ और ‘सोचिए और स्वस्थ रहिए’ आपकी बेस्टसेलर पुस्तकें हैं। आयुर्वेद चिकित्सकों के लिए लिखी आपकी पुस्तकें भी उस श्रेणी की बेस्टसेलर हैं। आप प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में स्तंभकार भी हैं और कई अन्य प्रसिद्ध पुस्तकों के लेखक भी हैं–‘मोटापे से ब्रेकअप’, ‘प्रेग्नेंसी एण्ड चाइल्ड केयर गाइड’, ‘बीमारियाँ हारेंगी’, ‘जीना सिखा देंगी’, ‘एक वाक्य से ज़िन्दगी बदल सकती है’, ‘ ज़िन्दगी बदल देंगी’, ‘प्रदूषित काया का शुद्धिकरण’, ‘10 कमांडमेंट्स ऑफ पीस’, ‘Forget to be ill’, ‘Al-Hijama’, ‘Practical Prescriber for Ayurveda Physicians’, ‘200 Golden Health Tips by Prophet Muhammed S.A.W.’, ‘100 Nectar on Earth For You’, ‘Lets Wipe My Country’s Tears’, ‘Problems Inside the Bedroom and their Solution’.

निराशा के समन्दर में गोते लगाते लोग अक्सर यह भूल जाते हैं कि ईश्वर ने हमें एक अद्वितीय मस्तिष्क दिया है, जो हमें कुछ भी प्राप्त करवा सकता है। हाँ, कुछ भी, जो भी हम पाना चाहें। अपनी क्षमताओं को शून्य मानकर स्वयं पर आई हुई मुसीबतों के बारे में सोच-सोचकर उनके सामने घुटने टेक देने को ही अवसाद कहते हैं और आजकल हम मनुष्यों में यह घुटने टेकने की प्रवृत्ति ही बढ़ती जा रही है। हम परेशान हैं, हम चिन्तित हैं, हम तनाव में हैं, हम अवसाद में हैं, हम चिड़चिड़े हो गए हैं, हम क्रोधित छवि बना चुके हैं…क्यों? क्योंकि हम ख़ुद से कभी नहीें पूछते कि ‘आख़िर क्यों हम इन सब समस्याओं में उलझ गए?’ यह किताब इन्हीं सवालों का जवाब देने के लिए लिखी गई है। तनाव और डिप्रेशन से यह किताब बिना किसी पिल्स (गोलियों) के ही मुक्ति दिलवाने में सक्षम है। यह कपोल कल्पना नहीं वरन् एक अत्यन्त व्यावहारिक पुस्तक है जो कि लेखक द्वारा हज़ारों रोगियों को दिए गए सफल क्लीनिकल परामर्शों से प्राप्त अनुभव पर आधारित है।.

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