ACUPRESSURE CHIKITSA

पिछले कुछ वर्षों में एक्यूप्रेशर ने काफी ख्याति अर्जित की है, जिसका प्रमुख कारण यह है कि इसमें किसी तरह की दवाइयों या शल्य चिकित्सा की जरूरत नहीं पड़ती, जिससे यह हर तरह के साइड इफेक्ट से मुक्त है। यह पूरी तरह से गैरपरंपरागत, सुरक्षित और गैर-हस्तक्षेपकारी है। इतना ही नहीं, गरदन के दर्द या लंबर स्पॉण्डिलाइटिस, साइनसाइटिस, पीठ दर्द, घुटनों के दर्द, एडि़यों के दर्द, साइएटिका, डिस्क खिसकने, कब्ज, अपच, अनिद्रा, अवसाद, टेनिस एल्बो, दमा, हाइपर टेंशन, माइग्रेन, स्नायु संबंधी समस्याओं आदि में भी बेहद उपयोगी साबित हुई है। काफी समय से इस बात की आवश्यकता अनुभव की जा रही थी कि कोई ऐसी पुस्तक प्रश्नोत्तर रूप में हो, जिसमें इस थेरैपी के असर और उपयोगिता के बारे में आम पाठक के मन में उठने वाले सारे प्रश्नों के उत्तर दिए गए हों। यह पुस्तक उस अभाव की पूर्ति करती है। इसमें स्वास्थ्य ठीक रखने के लिए एक्यूप्रेशर का उपयोग और उसके महत्त्व को चित्रों के जरिए यथासंभव स्पष्टता के साथ समझाया गया है। नीरोग रहने के लिए बिना किसी साइड इफेक्ट के एक्यूप्रेशर चिकित्सा का व्यावहारिक उपयोग बनानेवाली महत्त्वपूर्ण पुस्तक।.

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डॉ.ए.के. सक्सेना का एक्यूप्रेशर से परिचय करीब 27 साल पहले एलोपैथिक फिजीशियन डॉ. दिलीप सक्सेना ने कराया था। उन्होंने इस पद्धति के जरिए अपने परिवार और मित्रों का इलाज करना शुरू किया। परिणाम बेहद उत्साहजनक रहे। रोटरी क्लब ऑफ इंडिया, इंडिया इंटरनेशनल सेंटर, यू.एन.डी.पी. (यू.एन.डब्ल्यू.ए.) आदि संस्थाओं ने डॉ. सक्सेना को मानव शरीर को राहत पहुँचाने का संदेश जनता तक पहुँचाने के लिए मंच उपलब्ध कराया। वे कई प्रतिष्ठित अस्पतालों से जुड़े रहे हैं। अब तक उन्होंने समाज के तमाम वर्गों के 23, 000 से ज्यादा मरीजों का सफलतापूर्वक उपचार किया है, जो अलग-अलग बीमारियों से पीडि़त थे। उन्होंने सैकड़ों लोगों को एक्यूप्रेशर चिकित्सा पद्धति अपनाने का प्रशिक्षण भी दिया है। डॉ. प्रीति पई के लेडी हार्डिंग मैडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा सलाहकार के रूप में काम कर रही हैं। वे अनेक शोध परियोजनाओं से भी जुड़ी रही हैं, उन्होंने नई दिल्ली के डॉ.राम मनोहर लोहिया अस्पताल के मनोरोग मरीजों एवं जी.टी.बी.अस्पताल के यू.सी.एम.एस. में हृदय (सी.ए.डी.) मरीजों के लिए विशेष चिकित्सा एवं शोध करने में उल्लेखनीय योगदान किया है। विगत 12 वर्षों में उन्होंने 6500 से भी ज्यादा मरीजों का एक्यूपंचर एवं एक्यूप्रेशर द्वारा सफलतापूर्वक उपचार किया है।.

पिछले कुछ वर्षों में एक्यूप्रेशर ने काफी ख्याति अर्जित की है, जिसका प्रमुख कारण यह है कि इसमें किसी तरह की दवाइयों या शल्य चिकित्सा की जरूरत नहीं पड़ती, जिससे यह हर तरह के साइड इफेक्ट से मुक्त है। यह पूरी तरह से गैरपरंपरागत, सुरक्षित और गैर-हस्तक्षेपकारी है। इतना ही नहीं, गरदन के दर्द या लंबर स्पॉण्डिलाइटिस, साइनसाइटिस, पीठ दर्द, घुटनों के दर्द, एडि़यों के दर्द, साइएटिका, डिस्क खिसकने, कब्ज, अपच, अनिद्रा, अवसाद, टेनिस एल्बो, दमा, हाइपर टेंशन, माइग्रेन, स्नायु संबंधी समस्याओं आदि में भी बेहद उपयोगी साबित हुई है। काफी समय से इस बात की आवश्यकता अनुभव की जा रही थी कि कोई ऐसी पुस्तक प्रश्नोत्तर रूप में हो, जिसमें इस थेरैपी के असर और उपयोगिता के बारे में आम पाठक के मन में उठने वाले सारे प्रश्नों के उत्तर दिए गए हों। यह पुस्तक उस अभाव की पूर्ति करती है। इसमें स्वास्थ्य ठीक रखने के लिए एक्यूप्रेशर का उपयोग और उसके महत्त्व को चित्रों के जरिए यथासंभव स्पष्टता के साथ समझाया गया है। नीरोग रहने के लिए बिना किसी साइड इफेक्ट के एक्यूप्रेशर चिकित्सा का व्यावहारिक उपयोग बनानेवाली महत्त्वपूर्ण पुस्तक।.

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