Chhatrapati Shivaji : Vidhata Hindvi Swarajya ka

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छत्रपति शिवाजी महाराज का जीवन अलौकिक है। उसमें अदम्य साहस और नेतृत्व के विरले गुण अभिव्यक्त होते हैं। वर्तमान समय में यह महान् व्यक्तित्व और भी सामयिक हो चला है। शिवाजी के स्वराज्य की संकल्पना के मूल तत्त्व यदि आज लागू किए जाएँ तो भारत निस्संदेह विश्व के सर्वोच्च शिखर पर पहुँच सकता है। ‘छत्रपति शिवाजी: विधाता हिंदवी स्वराज्य का’ लिखने का मुख्य उद्देश्य महान् शिवाजी के जीवन-मूल्यों को युवा पीढ़ी से परिचित का और वरिष्ठजनों के लिए उस स्वर्णिम कालखंड की स्मृति ताजा करना है। छत्रपति शिवाजी महाराज के शौर्य एवं साहस से परिपूर्ण तेजस्वी जीवन का विहंगम दिग्दर्शन कराती सबके लिए पठनीय कृति।.

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About the Author

बी.ई. (सिविल), एम.ई. (स्ट्रक्चर), एम.बी.ए., चार्टर्ड इंजीनियर। मैनेजिंग डाइरेक्टर, कुटुंबले कंसल्टेंट इंजीनियर्स प्रा.लि.। इंडस्ट्रियल स्ट्रक्चर्स में विशेषता। देश भर में तथा विदेशों—केनिया, झांबिया, टंझानिया, इथोपिया, नाइजीरिया, जबुली, मलावी, श्रीलंका आदि—में प्रोजेक्ट। कवि तथा लेखक, गीत-संग्रह ‘समर्पण’ तथा ‘विधाता हिंदी स्वराज्याचा’ की रचना। अमेरिकन कॉन्क्रीट इंस्टीट्यूट, द्वारा सिविल इंजीनियरिंग में विशिष्ट सेवा के लिए सम्मानित, अल्ट्राटेक सीमेंट तथा अनेक संस्थाओं द्वारा जीवन गौरव पुरस्कार से सम्मानित, कॉन्क्रीट एक्सपर्ट के रूप में अंतरराष्ट्रीय डेलीगेशन के सदस्य साउथ अफ्रीका की भेंट। न्यासी, सानंद न्यास तथा संचालक, इंदूर परस्पर सहकारी बैंक लि., इंदौर। अनेक संस्थाओं के पूर्व अध्यक्ष।.

छत्रपति शिवाजी महाराज का जीवन अलौकिक है। उसमें अदम्य साहस और नेतृत्व के विरले गुण अभिव्यक्त होते हैं। वर्तमान समय में यह महान् व्यक्तित्व और भी सामयिक हो चला है। शिवाजी के स्वराज्य की संकल्पना के मूल तत्त्व यदि आज लागू किए जाएँ तो भारत निस्संदेह विश्व के सर्वोच्च शिखर पर पहुँच सकता है। ‘छत्रपति शिवाजी: विधाता हिंदवी स्वराज्य का’ लिखने का मुख्य उद्देश्य महान् शिवाजी के जीवन-मूल्यों को युवा पीढ़ी से परिचित का और वरिष्ठजनों के लिए उस स्वर्णिम कालखंड की स्मृति ताजा करना है। छत्रपति शिवाजी महाराज के शौर्य एवं साहस से परिपूर्ण तेजस्वी जीवन का विहंगम दिग्दर्शन कराती सबके लिए पठनीय कृति।.

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