Hriday Rog Se Mukhti

इस बात में कोई शक नहीं कि विज्ञान और मेडिकल साइंस ने बहुत तरक्की की है, लेकिन यह भी झूठ नहीं कि मेडिकल साइंस ‘हृदय रोग’ से निबटने में पूरी तरह असफल रही है। पूरे विश्व में ‘हार्ट केयर क्लिनिक्स’ की बढ़ती हुई संख्या के बावजूद हृदय रोगियों की संख्या भी बढ़ रही है। कारण क्या है? इस किताब की सिर्फ एक रीडिंग ही इस रहस्य को साफ कर देगी। मेडिकल साइंस की असफलताओं को देखते हुए ही, ऐसी पद्धति विकसित करने का विचार पैदा हुआ जो न सिर्फ इस रोग को बढ़ने से रोके, बल्कि रोग को खत्म करे। इसी विचार का परिणाम ‘साओल हार्ट प्रोग्राम’;ै।।व्स् रू ैबपमदबम ंदक ।तज व िस्पअपदहद्ध है। हमारी प्राचीन सांस्कृतिक धरोहर, विकसित उपचार पद्धतियों, जीवन शैली और आधुनिक विज्ञान व मेडिकल साइंस का संतुलित योग है। अब तक सैकड़ों लोग इसका फायदा उठा चुके हैं। साओल क्या है? सजकल ट्रीटमेंट से किस तरह बेहतर है? महंगा तो नहीं है? इसके साइड इफैक्ट क्या हैं? कितनी देर में असर करता है? ऐसे सवाल हर पाठक के मन में आना स्वाभाविक है। इन सभी सवालों के सीधे और सरल जवाब इस पुस्तक में वैज्ञानिक तर्कों और विश्लेषणों के साथ दिए गए हैं|

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इस बात में कोई शक नहीं कि विज्ञान और मेडिकल साइंस ने बहुत तरक्की की है, लेकिन यह भी झूठ नहीं कि मेडिकल साइंस ‘हृदय रोग’ से निबटने में पूरी तरह असफल रही है। पूरे विश्व में ‘हार्ट केयर क्लिनिक्स’ की बढ़ती हुई संख्या के बावजूद हृदय रोगियों की संख्या भी बढ़ रही है। कारण क्या है? इस किताब की सिर्फ एक रीडिंग ही इस रहस्य को साफ कर देगी। मेडिकल साइंस की असफलताओं को देखते हुए ही, ऐसी पद्धति विकसित करने का विचार पैदा हुआ जो न सिर्फ इस रोग को बढ़ने से रोके, बल्कि रोग को खत्म करे। इसी विचार का परिणाम ‘साओल हार्ट प्रोग्राम’;ै।।व्स् रू ैबपमदबम ंदक ।तज व िस्पअपदहद्ध है। हमारी प्राचीन सांस्कृतिक धरोहर, विकसित उपचार पद्धतियों, जीवन शैली और आधुनिक विज्ञान व मेडिकल साइंस का संतुलित योग है। अब तक सैकड़ों लोग इसका फायदा उठा चुके हैं। साओल क्या है? सजकल ट्रीटमेंट से किस तरह बेहतर है? महंगा तो नहीं है? इसके साइड इफैक्ट क्या हैं? कितनी देर में असर करता है? ऐसे सवाल हर पाठक के मन में आना स्वाभाविक है। इन सभी सवालों के सीधे और सरल जवाब इस पुस्तक में वैज्ञानिक तर्कों और विश्लेषणों के साथ दिए गए हैं|

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