Vitamin Zindagi

आप परेशान हैं?… एक के बाद एक समस्याएँ जीवन में आती ही रहती हैं… तो क्या आपको लगता है कि जीवन की प्रॉबलम्स कभी खत्म नहीं होंगी? क्या आप जीवन में हार मान रहे हैं?… जिस तरह शरीर को अलग-अलग विटामिन चाहिए — उसी तरह हमारे मन को भी आशा, विश्वास, साहस और प्रेरणा जैसे विटामिनों की ज़रूरत होती है। लेखक ललित कुमार इन सभी को मनविटामिन कहते हैं। “विटामिन ज़िन्दगी” एक ऐसा कैप्स्यूल है जिसमें ये सभी विटामिन मिलते हैं।हमारा सामना समस्याओं, संघर्ष, चुनौतियों और निराशा से होता ही रहता है — इन सबसे जीतने के लिए हमारे पास ‘विटामिन ज़िन्दगी’ का होना बेहद आवश्यक है।विटामिन ज़िन्दगी एक किताब नहीं बल्कि एक जीवन है — एक ऐलान है कि इंसान परिस्थितियों से जीत सकता है। एक बच्चा जिसे चार साल की ही उम्र में ही पोलियो जैसी बीमारी हो गई हो — उसने कैसे सभी कठिनाइयों से जूझते हुए समाज में अपना एक अहम मुकाम बनाया — यह किताब उसी की कहानी कहती है। ज़िन्दगी में आने वाली तमाम चुनौतियों को लेखक ने किस तरह से अवसरों में बदला — यह उसी सकारात्मकता की कहानी है।ललित का सफ़र “असामान्य से असाधारण” तक का सफ़र है। पोलियो जैसी बीमारी ने उन्हें सामान्य से असामान्य बना दिया, लेकिन अपनी मेहनत और जज़्बे के बल पर उन्होंने स्वयं को साधारण भीड़ से इतना अलग बना लिया कि वे असाधारण हो गए। इसी सफ़र की कहानी समेटे यह किताब ज़िन्दगी के विटामिन से भरपूर है। इस किताब में सभी के लिए कुछ-न-कुछ है जो हमें हर तरह की परिस्थितियों का सामना करना सिखाता है।

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कविता कोश, गद्य कोश, WeCapable.com, दशमलव और TechWelkin.com जैसी परियोजनाओं के संस्थापक ललित कुमार को विकलांगजन के लिए रोल मॉडल हेतु साल 2018 में राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। पोलियो जैसी बीमारी, अभावग्रस्त बचपन और बेहद कठिन किशोरावस्था के बावजूद अपनी मेहनत और प्रतिभा के बल पर संयुक्त राष्ट्र संघ जैसी अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं में काम कर चुके ललित विदेश में उच्च शिक्षा प्राप्त कर चुके हैं। इन दिनों वे Dashamav YouTube channel और WeCapable.com के ज़रिए देशभर के विकलांगजन और अन्य ज़रूरतमंद लोगों की सहायता कर रहे हैं।

आप परेशान हैं?… एक के बाद एक समस्याएँ जीवन में आती ही रहती हैं… तो क्या आपको लगता है कि जीवन की प्रॉबलम्स कभी खत्म नहीं होंगी? क्या आप जीवन में हार मान रहे हैं?… जिस तरह शरीर को अलग-अलग विटामिन चाहिए — उसी तरह हमारे मन को भी आशा, विश्वास, साहस और प्रेरणा जैसे विटामिनों की ज़रूरत होती है। लेखक ललित कुमार इन सभी को मनविटामिन कहते हैं। “विटामिन ज़िन्दगी” एक ऐसा कैप्स्यूल है जिसमें ये सभी विटामिन मिलते हैं।हमारा सामना समस्याओं, संघर्ष, चुनौतियों और निराशा से होता ही रहता है — इन सबसे जीतने के लिए हमारे पास ‘विटामिन ज़िन्दगी’ का होना बेहद आवश्यक है।विटामिन ज़िन्दगी एक किताब नहीं बल्कि एक जीवन है — एक ऐलान है कि इंसान परिस्थितियों से जीत सकता है। एक बच्चा जिसे चार साल की ही उम्र में ही पोलियो जैसी बीमारी हो गई हो — उसने कैसे सभी कठिनाइयों से जूझते हुए समाज में अपना एक अहम मुकाम बनाया — यह किताब उसी की कहानी कहती है। ज़िन्दगी में आने वाली तमाम चुनौतियों को लेखक ने किस तरह से अवसरों में बदला — यह उसी सकारात्मकता की कहानी है।ललित का सफ़र “असामान्य से असाधारण” तक का सफ़र है। पोलियो जैसी बीमारी ने उन्हें सामान्य से असामान्य बना दिया, लेकिन अपनी मेहनत और जज़्बे के बल पर उन्होंने स्वयं को साधारण भीड़ से इतना अलग बना लिया कि वे असाधारण हो गए। इसी सफ़र की कहानी समेटे यह किताब ज़िन्दगी के विटामिन से भरपूर है। इस किताब में सभी के लिए कुछ-न-कुछ है जो हमें हर तरह की परिस्थितियों का सामना करना सिखाता है।

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