आचार्य चाणक्य द्वारा कर्तव्य के बारे में अनमोल विचार

चाणक्य का कहना है कि जीव जब गर्भ में होता है, तभी उसकी आयुकर्मधनविद्या और मृत्यु आदि बातें निश्चित हो जाती हैं अर्थात मनुष्य जन्म के साथ ह...

विद्या का महत्व (चाणक्य नीति)

चाणक्य ने विद्या रूपी धन को सब धनों में श्रेष्ठ माना है। उनका कहना है कि जिस मनुष्य के पास विद्या रूपी धन नहीं, वह सब कुछ होते हुए भी ...
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